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    किसान योजनाएं Ongoing

    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY): प्रीमियम, कवरेज, पात्रता और आवेदन कैसे करें

    Updated: 24 September 2026 · Last Verified: 24 September 2026 · By: Akshay Kumar, Editor

    संक्षिप्त उत्तर

    प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) केंद्र सरकार की एक फसल बीमा योजना है, जो किसानों को बुवाई से लेकर कटाई के बाद तक प्राकृतिक आपदाओं, कीट और बीमारियों से होने वाले फसल नुकसान से सुरक्षा देती है। किसान को प्रीमियम का बहुत छोटा और सीमित हिस्सा ही देना होता है — खरीफ खाद्य और तिलहन फसलों के लिए 2%, रबी खाद्य और तिलहन फसलों के लिए 1.5%, और वार्षिक वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए 5% — बाकी प्रीमियम सरकार वहन करती है। यह योजना 2016 में शुरू हुई थी और अभी 27 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में लागू है।

    मुख्य जानकारी एक नज़र में

    विवरण जानकारी
    योजना का नाम प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)
    योजना का प्रकार केंद्र सरकार
    मंत्रालय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
    विभाग कृषि एवं किसान कल्याण विभाग
    शुरुआत 2016
    लाभार्थी अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसल उगाने वाले किसान (भूमिस्वामी, बटाईदार और किरायेदार किसान)
    किसान का प्रीमियम हिस्सा 2% (खरीफ खाद्य/तिलहन) · 1.5% (रबी खाद्य/तिलहन) · 5% (वाणिज्यिक/बागवानी)
    क्षेत्र 27 राज्य/केंद्र-शासित प्रदेश
    स्थिति सक्रिय
    आधिकारिक वेबसाइट pmfby.gov.in
    अंतिम बार सत्यापित 23 सितंबर 2026

    PMFBY क्या है?

    PMFBY एक फसल बीमा योजना है, जो प्राकृतिक आपदा, कीट या बीमारी जैसी अप्रत्याशित घटनाओं के कारण — बुवाई से लेकर कटाई के बाद तक किसी भी चरण में — फसल खराब होने या नुकसान होने पर किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाती है। इसे कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित किया जाता है, यही मंत्रालय पीएम-किसान योजना भी चलाता है।

    कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अनुसार, PMFBY किसानों के नामांकन के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना है, और प्रीमियम संग्रह के हिसाब से तीसरी सबसे बड़ी। यह अभी 27 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों में चल रही है, जिसमें 20 बीमा कंपनियां शामिल हैं।

    इससे जुड़ा एक और घटक, पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS), किसानों को प्रतिकूल मौसम की स्थितियों — वर्षा, तापमान और आर्द्रता में बदलाव — से होने वाले नुकसान से बचाती है, और इसके लिए व्यक्तिगत खेत के आकलन के बजाय मौसम संबंधी आंकड़ों का उपयोग किया जाता है।

    लाभ

    PMFBY निम्नलिखित प्रकार के जोखिमों से होने वाले आर्थिक नुकसान को कवर करती है:

    • उपज नुकसान — खड़ी फसल को प्राकृतिक आग और बिजली गिरने से; तूफान, ओलावृष्टि, चक्रवात, टाइफून या बवंडर से; बाढ़, जलभराव और भूस्खलन से; सूखा और शुष्क अवधि से; और कीट या बीमारी के हमले से हुए नुकसान पर।
    • बुवाई रुकना — अगर प्रतिकूल मौसम के कारण अधिसूचित क्षेत्र के अधिकतर बीमित किसान बुवाई की तैयारी में पैसा खर्च करने के बावजूद बुवाई नहीं कर पाते, तो वे बीमित राशि का 25% तक दावा कर सकते हैं।
    • कटाई के बाद का नुकसान — कटाई के बाद खेत में सुखाने के लिए छोड़ी गई फसल (“कट एंड स्प्रेड”) के लिए, चक्रवात, चक्रवाती वर्षा या बेमौसम बारिश से होने वाले नुकसान पर 14 दिनों तक कवरेज मिलता है।
    • स्थानीय आपदाएं — ओलावृष्टि, भूस्खलन या जलभराव से किसी व्यक्तिगत खेत को हुए नुकसान पर, भले ही अधिसूचित क्षेत्र का बाकी हिस्सा प्रभावित न हुआ हो।

    प्रीमियम पर भारी सब्सिडी दी जाती है: किसान का हिस्सा फसल और मौसम के अनुसार बीमित राशि के 2%, 1.5% या 5% तक सीमित है, और बीमा कंपनी द्वारा तय पूर्ण एक्चुरियल प्रीमियम दर और इस सीमित हिस्से के बीच का अंतर सरकार (केंद्र और राज्य) वहन करती है।

    पात्रता

    कौन आवेदन कर सकता है?

    • उस मौसम के लिए अधिसूचित क्षेत्र में अधिसूचित फसल उगाने वाले किसान, जिनमें भूमिस्वामी किसान, किरायेदार किसान और बटाईदार किसान शामिल हैं।
    • जिन किसानों ने उस मौसम के लिए फसल ऋण लिया है (ऋणी किसान) और जिन्होंने नहीं लिया (गैर-ऋणी किसान), दोनों को कवर किया जा सकता है — ऋणी किसानों का नामांकन आमतौर पर उनके बैंक के ज़रिए होता है, जबकि गैर-ऋणी किसान स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं। सटीक मौजूदा नामांकन शर्तें राज्य और मौसम के अनुसार अलग हो सकती हैं, इसलिए यह मान लेने से पहले कि आप अपने आप कवर हैं या नहीं, अपने बैंक, कॉमन सर्विस सेंटर या आधिकारिक पोर्टल से पुष्टि करें।

    क्या कवर नहीं होता?

    आय-आधारित बहिष्करण वाली योजनाओं के उलट, PMFBY किसानों को आर्थिक श्रेणी के आधार पर बाहर नहीं रखती — यहां बहिष्करण इस बारे में है कि दावे में कौन से नुकसान कवर नहीं होंगे। आधिकारिक FAQ के अनुसार, ये जोखिम और नुकसान इसमें शामिल नहीं हैं:

    • युद्ध और इससे जुड़े खतरे, और परमाणु जोखिम
    • दंगे और द्वेषपूर्ण नुकसान
    • चोरी, और शत्रुतापूर्ण कृत्यों से होने वाला नुकसान
    • घरेलू या जंगली जानवरों द्वारा चराई या नष्ट की गई फसल
    • कटाई के बाद बांधकर और ढेर लगाकर रखी गई फसल, जो गहाई से पहले की स्थिति में हो (जबकि खेत में कट-एंड-स्प्रेड छोड़ी गई फसल कवर होती है)
    • अन्य रोके जा सकने वाले जोखिम

    ज़रूरी दस्तावेज़

    दस्तावेज़ क्यों ज़रूरी है
    आधार कार्ड नामांकन के लिए पहचान सत्यापन
    भूमि स्वामित्व दस्तावेज़ या किरायेदारी/बटाईदारी अनुबंध अधिसूचित फसल और खेती के अंतर्गत क्षेत्र की पुष्टि करता है
    बैंक खाते का विवरण दावे की राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भेजी जाती है
    मौसम के लिए बुवाई घोषणा यह पुष्टि करता है कि वास्तव में कौन सी फसल बोई गई थी, जिससे बीमित राशि तय होती है

    ये आमतौर पर ज़रूरी दस्तावेज़ हैं; सटीक सूची राज्य के अनुसार और आप किस माध्यम (बैंक, CSC या स्वयं पंजीकरण) से नामांकन कर रहे हैं, उसके अनुसार थोड़ी अलग हो सकती है — आधिकारिक पोर्टल या आपका बैंक/CSC राज्य-विशेष जानकारी की पुष्टि करेंगे।

    आवेदन कैसे करें

    1. ऋणी किसान: जब आप उस मौसम के लिए फसल ऋण लेते हैं, तो आपका बैंक आपको अधिसूचित फसल के लिए नामांकित कर देता है — अपने बैंक से पुष्टि करें कि आप कवर हैं या नहीं, और अगर कवरेज नहीं चाहते तो कैसे बाहर निकल सकते हैं।
    2. गैर-ऋणी किसान: आधिकारिक PMFBY पोर्टल (pmfby.gov.in) पर जाएं और स्वयं पंजीकरण विकल्प का उपयोग करें।
    3. अपनी व्यक्तिगत जानकारी, भूमि, फसल और बैंक खाते का विवरण भरें।
    4. फॉर्म जमा करें और उस मौसम की नामांकन अंतिम तिथि से पहले अपना सीमित प्रीमियम हिस्सा जमा करें।
    5. इसके अलावा, आप ऑनलाइन स्वयं पंजीकरण के बजाय अपने नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या बैंक शाखा से भी नामांकन कर सकते हैं।
    6. अपनी पॉलिसी ID संभाल कर रखें — बाद में आवेदन की स्थिति जांचने या दावा करने के लिए इसकी ज़रूरत पड़ेगी।

    नामांकन के लिए किसी को भी आधिकारिक प्रीमियम राशि से ज़्यादा पैसे न दें — पंजीकरण खुद कोई अलग से भुगतान वाली सेवा नहीं है।

    आवेदन का तरीका

    pmfby.gov.in पर ऑनलाइन स्वयं पंजीकरण, फसल ऋण लेने पर बैंक के ज़रिए स्वचालित नामांकन, या कॉमन सर्विस सेंटर के ज़रिए ऑफ़लाइन आवेदन।

    महत्वपूर्ण तारीखें

    PMFBY के लिए नामांकन की अंतिम तिथियां हर मौसम (खरीफ और रबी) और हर राज्य/केंद्र-शासित प्रदेश के लिए अलग-अलग तय होती हैं, और हर मौसम के करीब आधिकारिक पोर्टल पर सूचित की जाती हैं — पूरे देश में लागू होने वाली कोई एक तय तारीख नहीं है। जिस मौसम के लिए कवरेज चाहते हैं, उससे पहले अपने राज्य की मौजूदा अंतिम तिथि के लिए pmfby.gov.in या अपने बैंक/CSC से ज़रूर जांच करें।

    अपनी आवेदन स्थिति या प्रीमियम कैसे चेक करें

    आधिकारिक पोर्टल पर इसके लिए दो खास टूल हैं: Application Status चेकर, जहां आप अपने पॉलिसी विवरण से नामांकन देख सकते हैं, और Insurance Premium Calculator, जिससे आप नामांकन से पहले अपने प्रीमियम का अनुमान लगा सकते हैं। दोनों pmfby.gov.in पर उपलब्ध हैं। नुकसान की रिपोर्टिंग या शिकायत के लिए, PMFBY कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन (KRPH) भी चलाता है, जिसका नंबर 14447 है।

    आधिकारिक स्रोत

    यह लेख PMFBY को आसान भाषा में समझाने के लिए लिखा गया है। आवेदन करने या कोई भी निर्णय लेने से पहले अपनी पात्रता, मौजूदा प्रीमियम दरें और आवेदन से जुड़ी जानकारी हमेशा आधिकारिक सरकारी वेबसाइट पर जाकर ज़रूर सत्यापित करें।

    ज़रूरी बातें

    • PMFBY राज्यों के लिए स्वैच्छिक है। हर राज्य इसे लागू नहीं करता — कुछ राज्य इससे बाहर हो गए हैं या किसी मौसम में भाग नहीं ले रहे, इसलिए यह पक्का करने के लिए कि आपके इलाके में योजना उपलब्ध है, pmfby.gov.in या अपने राज्य के कृषि विभाग से पुष्टि करें।
    • आपका प्रीमियम हिस्सा कानूनी रूप से सीमित है — 2% (खरीफ खाद्य/तिलहन), 1.5% (रबी खाद्य/तिलहन), या 5% (वाणिज्यिक/बागवानी) बीमित राशि का — बाकी एक्चुरियल दर सरकार भरती है।
    • बीमित राशि प्रति हेक्टेयर तय होती है, जो आपकी अधिसूचित फसल और क्षेत्र के लिए ज़िला स्तरीय तकनीकी समिति द्वारा तय “स्केल ऑफ फाइनेंस” पर आधारित होती है।
    • कटाई के बाद के नुकसान का दावा केवल कटाई के 14 दिनों के भीतर लागू होता है, और केवल उस फसल के लिए जो खेत में कट-एंड-स्प्रेड छोड़ी गई हो, न कि पहले से बांधकर ढेर लगाई गई हो।
    • कवरेज, प्रीमियम दरें और अधिसूचित फसलें/क्षेत्र सरकार द्वारा संशोधित किए जा सकते हैं — नामांकन से पहले हमेशा मौजूदा स्थिति के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें।

    संबंधित योजनाएं

    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

    PMFBY क्या है?

    केंद्र सरकार की एक फसल बीमा योजना, जो बुवाई से लेकर कटाई के बाद तक प्राकृतिक आपदाओं, कीट या बीमारियों से हुए फसल नुकसान के बदले किसानों को भुगतान करती है, और इसके लिए किसान को एक छोटा, सीमित प्रीमियम देना होता है।

    PMFBY के तहत मुझे कितना प्रीमियम देना होगा?

    खरीफ खाद्यान्न और तिलहन फसलों के लिए बीमित राशि का अधिकतम 2%, रबी खाद्यान्न और तिलहन फसलों के लिए 1.5%, और वार्षिक वाणिज्यिक या बागवानी फसलों के लिए 5% — जो भी पूर्ण एक्चुरियल दर से कम हो। बाकी प्रीमियम सरकार भरती है।

    PMFBY किन फसलों को कवर करती है?

    खाद्यान्न फसलें (अनाज, बाजरा और दालें), तिलहन, और वार्षिक वाणिज्यिक या वार्षिक बागवानी फसलें, बशर्ते वह विशेष फसल आपके क्षेत्र और मौसम के लिए अधिसूचित हो।

    क्या PMFBY में नामांकन अनिवार्य है?

    यह इस पर निर्भर करता है कि आपने फसल ऋण लिया है या नहीं, और आपके राज्य के मौजूदा नियमों पर — ऋणी किसानों का नामांकन आमतौर पर उनके बैंक के ज़रिए होता है, जबकि गैर-ऋणी किसान स्वेच्छा से नामांकन कर सकते हैं। यह शर्त योजना के इतिहास में कई बार बदली है, इसलिए मौजूदा नियम अपने बैंक, CSC या आधिकारिक पोर्टल से ज़रूर पुष्टि करें।

    PMFBY में क्या कवर नहीं होता?

    युद्ध और परमाणु जोखिम, दंगे, द्वेषपूर्ण नुकसान, चोरी, शत्रुतापूर्ण कृत्य, चराई करने वाले जानवरों से नष्ट फसल, गहाई से पहले बांधकर ढेर लगाई गई कटी फसल, और अन्य रोके जा सकने वाले जोखिम।

    मैं अपनी PMFBY आवेदन या दावा स्थिति कैसे चेक करूं?

    pmfby.gov.in पर अपने पॉलिसी विवरण के साथ Application Status चेकर का उपयोग करें। नुकसान की रिपोर्टिंग या शिकायत के लिए, आप कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन 14447 का भी उपयोग कर सकते हैं।

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